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शिशà¥à¤“ं में दसà¥à¤¤ (डायरिया) किस वजह से होते हैं?
इसके संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारणों की सूची बहà¥à¤¤ लंबी है। आपके शिशॠको विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (​वायरल) या जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ (बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤²) इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से डायरिया हो सकता है। इसके अलावा इसके कारण कोई परजीवी à¤à¥€ हो सकता है, शिशॠने कोई à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ ली हो या फिर कà¥à¤› खाया हो।
वायरल इनफेकà¥à¤¶à¤¨
बहà¥à¤¤ से विषाणॠजैसे कि रोटावायरस, à¤à¤¡à¥€à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸, कैलिसिवायरस, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ और इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा डायरिया के साथ-साथ उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट दरà¥à¤¦, बà¥à¤–ार और बदन दरà¥à¤¦ का कारण हो सकते हैं।
दसà¥à¤¤ होने का सबसे आम कारण à¤à¤• विषाणॠहै, जिसका नाम है रोटावायरस। यह विषाणॠअंतड़ियों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करता है, जिससे गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस होता है। यह आंत की अंदरà¥à¤¨à¥€ परत को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाता है। इस कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ परत से तरल पदारà¥à¤¥ का रिसाव होता है और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का समाहन किठबिना à¤à¥‹à¤œà¤¨ इसमें से निकल जाता है। कà¥à¤› मामलों में रोटावायरस गंà¤à¥€à¤° मल संकà¥à¤°à¤®à¤£ और शरीर में पानी की कमी की वजह से होता है (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) का कारण बन सकता है।
रोटावायरस से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठशिशॠके टीकाकारण के तहत टीका लगाया जाà¤à¤—ा। यह à¤à¤• अनिवारà¥à¤¯ टीका है। शिशॠको कौन सी वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगाई जा रही है, इसे देखते हà¥à¤ उसे दो या तीन खà¥à¤°à¤¾à¤• मिलनी चाहिà¤à¥¤ पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• उसे छह से आठहफà¥à¤¤à¥‡ की उमà¥à¤° में मिलनी ​चाहिà¤, दूसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• 10 से 16 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच और तीसरी खà¥à¤°à¤¾à¤• करीब 14 से 24 हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच लगनी चाहिà¤à¥¤
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि छह हफà¥à¤¤à¥‡ से कम उमà¥à¤° और चार महीने से अधिक उमà¥à¤° के शिशॠको इस टीके की पहली खà¥à¤°à¤¾à¤• नहीं दी जा सकती है। यदि आपने यह टीका शिशॠको नहीं लगवाया है, तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
अधिकांश वायरल डायरिया à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो जाते हैं। चूंकि ये वायरस की वजह से होते हैं, इसलिठइनका उपचार à¤à¤‚टिबायोटिकà¥à¤¸ से नहीं किया जा सकता। इस दौरान अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती रहें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥, जिसमें ओआरà¤à¤¸ का घोल à¤à¥€ शामिल है, पिलाने की सलाह दे सकते हैं, ताकि शिशॠको जलनियोजित रखा जा सके। दसà¥à¤¤ की अवधि को कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° जिंक अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं।
कई बार वायरल डायरिया गंà¤à¥€à¤° हो सकता है और इससे डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकता है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो शिशॠको आईवी यानि नसों के जरिये (इंटà¥à¤°à¤¾à¤µà¥€à¤¨à¤¸) तरल लेने की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है।
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨
जीवाणॠजैसे कि सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾,​ शिगेला, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस, कैमà¥à¤«à¥€à¤²à¥‹à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° या ई. कोली à¤à¥€ दसà¥à¤¤ पैदा कर सकते हैं। यदि आपके शिशॠको बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो, तो उसे गंà¤à¥€à¤° डायरिया के साथ-साथ मरोड़, मल में खून और बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है। उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो à¤à¥€ सकती है और नहीं à¤à¥€à¥¤
कà¥à¤› जीवाणà¥à¤µà¤¿à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ अपने आप ठीक हो जाते हैं, मगर कà¥à¤› जैसे कि ई. कोलाई से होने वाले इनफेकà¥à¤¶à¤¨ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं। ई. कोलाई अधपके मांस और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के अनà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹ में पाया जा सकता है। इसलिठयदि आपके शिशॠमें ये लकà¥à¤·à¤£ हों, तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। वह शिशॠकी जांच करेंगे और शायद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के संकेतों के लिठसà¥à¤Ÿà¥‚ल कलà¥à¤šà¤° की जांच करना चाहेंगे।
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£
कà¥à¤› मामलों में कान में इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (जो कि वायरल या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² कà¥à¤› à¤à¥€ हो सकता है) दसà¥à¤¤ की वजह बन सकता है। यदि आपके शिशॠके साथ à¤à¤¸à¤¾ हो, तो आप यह à¤à¥€ पाà¤à¤‚गी कि शिशॠचिड़चिड़ा है और अपने कान खींचता रहता है। उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है और उसकी à¤à¥‚ख कम हो सकती है। हो सकता है उसे हाल ही में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हà¥à¤† हो। उसे बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो सकता है।
परजीवी
परजीवी (पैरासाइट) संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ डायरिया का कारण हो सकता है। उदाहरण के तौर पर जियाडाà¤à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• अति सूकà¥à¤·à¥à¤® परजीवी की वजह से होता है, जो आंत में रहता है। इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में गैस, फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ, दसà¥à¤¤ और चिकना मल शामिल है।
इस तरह के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ डे केयर या समूूहों में आसानी से फैलते हैं और इनके उपचार के लिठविशेष दवा होती है, इसलिठशिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤ªà¥‹à¤°à¤¿à¤¡à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ आसानी से फैलता है और वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ की तरह डायरिया पैदा कर सकता है। यह अपने आप ठीक हो जाता है, मगर शिशॠकी डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच की जरà¥à¤°à¤¤ होती।
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